जीवन एक सुन्दर अनुभव

 दुख से chhutna चाहते है but part से तो कोई chhut नहीं सकता 

दुख का कारण। ।।कामनाएँ 


सुख दुख ये अपनी रचना है ।

तो ऐसा part बजाय जो बंधन ना बने। कर्म सम्बंध बने। 

कर्म अकर्म बन जाए

अनासक्त भाव से जीए जीवन। निर्लिप्त हो  कर

 सभी Devtaein बने,देने वाले।

[Swadharm में टिक कर हर कर्म करे

[जीवन को एक सुन्दर अनुभव बनाये

[जिन बातों को आप बदल नहीं सकते उन्हें स्वीकार करे। 

सहज भाव से जीवन जीए,

सभी को आगे बढ़ाए। पहले आप का पाठ पक्का करे। आसानी से सबको माफ़ करे। 

badla नहीं ले किसी से,बदल कर दिखाएं सभी को ।

बड़ी बात को छोटा बना दे। पहाड़ को raai,raai को rui बना दे

सब कुछ हो,पर कहीं बुद्धि fasi हुई न हो

 1s में सबसे न्यारे हो जाए

सार में स्थित रहे

वर्तमान में जीएl

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